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जन्माष्टमी पर MP का बड़ा कार्यक्रम, CM मोहन यादव करेंगे भगवान श्रीकृष्ण के प्राचीन स्थलों का दर्शन: शनिवार रात उज्जैन पहुंचेंगे CM यादव, 12 बजे लेंगे श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आरती में आशीर्वाद!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
जन्माष्टमी पर्व इस बार मध्यप्रदेश में खास होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार शाम 7:30 बजे उज्जैन पहुंचेंगे और यहां भगवान श्रीकृष्ण के प्राचीन स्थलों पर विशेष पूजा-अर्चना में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री न केवल उज्जैन के प्रमुख मंदिरों में दर्शन करेंगे बल्कि रायसेन, धार और इंदौर जिले के उन स्थलों का भी भ्रमण करेंगे, जो भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और गौरवगाथा से जुड़े हुए हैं।
सरकारी कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री का यह दौरा रायसेन, धार, इंदौर और उज्जैन जिलों के प्रमुख मंदिरों और धामों तक फैला रहेगा। वे सर्वप्रथम रायसेन जिले के महलपुर पाठा के प्राचीन राधाकृष्ण मंदिर जाएंगे। इसके बाद धार जिले के अमझेरा और फिर इंदौर जिले के जानापाव स्थित तीर्थस्थलों का भ्रमण करेंगे। इसके साथ ही वे उज्जैन के गोपाल मंदिर, सांदीपनि आश्रम और महिदपुर के समीप स्थित नारायणा धाम में भी पूजा करेंगे।
उज्जैन में रात्रि आरती में शामिल होंगे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार रात को उज्जैन के गोपाल मंदिर और सांदीपनि आश्रम में आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव में शामिल होंगे। ठीक 12 बजे आरती में वे भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लेंगे। वहीं, महाकालेश्वर मंदिर परिसर में भी विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। महाकाल मंदिर के नैवेद्य कक्ष में भगवान लड्डू गोपाल का पंचामृत से अभिषेक कर भोग अर्पित होगा। इसके साथ ही साक्षी गोपाल मंदिर में भी रात्रि आरती का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री रात्रि विश्राम भी उज्जैन में ही करेंगे।
उज्जैन के गोपाल मंदिर और सांदीपनि आश्रम का महत्व
उज्जैन का गोपाल मंदिर इतिहास की महान धरोहर है। यहां का मुख्य द्वार वही है जिसे महमूद गजनी ने सोमनाथ मंदिर से लूटा था और बाद में सिंधिया शासनकाल में वापस लाया गया। मराठा शैली में निर्मित यह मंदिर आज भी अपनी भव्यता से श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।
सांदीपनि आश्रम वह स्थान है जहां भगवान श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा ने गुरू सांदीपनि से शिक्षा प्राप्त की थी। यहां पर 16 विद्याएं, 18 पुराण और 64 कलाओं का ज्ञान अर्जित किया गया था। मुख्यमंत्री यहां जन्माष्टमी महोत्सव में विशेष पूजा करेंगे।